Vaucheria BSc 1st Year Botany Question Answer Notes

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प्रश्न 14 – वाउचीरिया की संरचना तथा अलैंगिक प्रजनन का वर्णन कीजिए जीवनचक्र का केवल चित्र बनाइए। 

उत्तर – 

वाउचीरिया (Vaucheria)

वर्गीकरण स्थिति (Systematic Position) : Notes

Algae

Chlorophyceae

Siphonales

Vaucheriaceae

Vaucheria

वाउचीरिया मीठे पानी में रहने वाला एक शैवाल है। इसकी कुछ जातियाँ नम भूमि पर तथा कुछ जातियाँ समुद्र के पानी में मिलती हैं।

संरचना (Structure)- वाउचीरिया के पौधों में काफी शाखाएँ निकली रहती हैं। इसके तन्तु एककोशिकीय होते हैं जिसमें कोई पट्ट (septum) नहीं होता तथा बहुत सारे केन्द्रक (nuclei) पाए जाते हैं। ऐसे पट्टरहित (aseptate) तथा बहुकेन्द्रकी (multinucleate) तन्तुओं को संकोशिकी (coenocytic) कहते हैं। इसके पौधे स्थापनांग या हेप्ट्रॉन (hapteron) की सहायता से नीचे जमीन में जमे रहते हैं। इसकी कोशिका भित्ति पतली होती है तथा साइटोप्लाज्म में अनेक discoid क्लोरोप्लास्ट रहते हैं। इसमें बहुत सारे केन्द्रक तथा oil globules भी होते हैं। Pyrenoids अनुपस्थित होते है। पूरे तन्तु में एक काफी बड़ी रिक्तिका (vacuole) होती है जो कि siphon के आकार की होती है।

प्रजनन (Reproduction) Notes

  1. वर्धी प्रजनन (Vegetative Reproduction)-वाउचीरिया में वर्धी प्रजनन fragmentation की विधि द्वारा ही होता है।
  2. अलैंगिक प्रजनन (Asexual Reproduction)-वाउचीरिया में अलैंगिक प्रजनन निम्नलिखित विधियों से होता है

(i) जस्पोर (Zoospore)-चलबीजाणु के निर्माण के समय पौधे की कोई भी शाखा एक septum की सहायता से पौधे के दूसरे भागों से अलग हो जाती है। इस अलग भाग के केन्द्रक विभाजित होते रहते हैं। कोशिका भित्ति से साइटोप्लाज्म सिकुड़ जाता है और इस प्रकार पूरा साइटोप्लाज्म एक बहुकशाभिकीय चल बीजाणु (multiflagellate zoospore) में बदल जाता है। उगते समय ऐसे zoospore के flagella झड़ जाते हैं। कुछ समय बाद यह नये पाय में विकसित हो जाता है। ..

(ii) एप्लैनोस्पोर (Aplanospore)-यह zoospore की भाँति ही विकसित होता है। लेकिन इसमें flagella विकसित नहीं होते। वह भाग जिसमें अचल बीजाणु (aplanospore) रहता है, aplanosporangium कहलाता है। Aplanospore भी एक नये पौधे में विकसित होता है।

(iii) हिप्नोस्पोर (Hypnospore)-हिप्नोस्पोर के निर्माण के समय पर पूरी की पूरी शाखा छोटे-छोटे मोटी दीवारों वाले भागों (chambers) में बँट जाती है। प्रत्येक मोटी भित्ति वाला भाग hypnospore कहलाता है। इसके उगने पर भी एक नया पोधा बन जाता है।

(iv) सिस्ट (Cyst)-कभी-कभी hypnospore कुछ और छोटे-छोटे बहुकेन्द्रकीय भागों (multinucleate parts) में विभाजित हो जाता है। ऐसे प्रत्येक मोटे भाग को cyst कहते हैं। इनके उगने पर भी एक नया पौधा बन जाता है।

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वाउचीरिया का जीवनचक्र 

(Life-cycle of Vaucheria)

 


 

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