Ribosomes BSc Zoology Question Answer Notes

Ribosomes BSc Zoology Question Answer Notes

 

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प्रश्न 4 – राइबोसोम की संरचना तथा रासायनिक संघटन का वर्णन कीजिए इसकी प्रोटीन संश्लेषण में भूमिका लिखिए। 

Describe the structure and chemical composition of Ribosome.

Explain its role in Protein synthesis. 

उत्तर –

राइबोसो 

(Ribosomes) Notes

ये कोशिकाद्रव्य में छितरे हुए या एण्डोप्लाज्मिक रेटीकुलम की झिल्ली से जुड़े हुए पाए जाते हैं। राइबोसोम गोलाकार रचना है तथा माप में 25A के होते हैं। ये दो प्रकार के होते हैं-

  1. 70S राइबोसोम जो कि बैक्टीरिया (प्रोकैरियोटिक कोशिका) में मिलते हैं।
  2. 80S राइबोसोम यूकैरियोटिक कोशिकाओं में पाए जाते हैं।

राइबोसोम की परासंरचना 

(Ultrastructure of Ribosome) Notes

प्रत्येक राइबोसोम दो यूनिटों का बना होता है

  1. 1. 70S राइबोसोम में 50s तथा 30S सब-यूनिट होती हैं।
  2. 80S राइबोसोम में 60S तथा 40S सब-यूनिट होती हैं।

बड़ी सबयूनिट गुम्बद के समान होती है तथा छोटी सबयूनिट बड़ी सब-यूनिट … की चपटी सतह पर एक टोपी के रूप में लगी रहती है। छोटी सब-यूनिट पर mRNA जुड़ता है। बड़ी सब-यूनिट एण्डोप्लाज्मिक रेटीकुलम की भित्ति से लगी रहती हैं और इन पर tRNA के दो अणुओं के लिए दो खाँच होती हैं। इनको P-site (Peptidyl or donor site) तथा A-site (aminoacyl or acceptor site) कहते हैं। P-site से polypeptide श्रृंखला जुड़ती है तथा A-site से tRNA ऐमीनो अम्ल जड़ता है।

राइबोसोम में मैग्नीशियम की सान्द्रता को बढ़ाने से इसकी दोनों सब-युनिट आपस में मिलकर डाइमर बनाए हैं और सान्द्रता कम करने पर दोनों सब-यूनिट अलग हो जाती हैं। ये परिवर्तन अस्थायी होते हैं।

राइबोसोम का रासायनिक संघटन 

(Chemical Composition of Ribosome) Notes

राइबोसोम RNA तथा प्रोटीन के बने होते हैं और दोनों की मात्रा लगभग बराबर होती है। इनमें थोड़ी-सी मात्रा में लिपिड और धात्विक (metallic) आयन भी हाते हैं। 70S राइबोसोम में 65% RNA तथा 80S राइबोसोम में 45% RNA होता है। प्रोटीन राइबोसोम के चारों ओर किनारे पर होता है और RNA भीतरी भाग में होता है। RNA तथा प्रोटीन्स राइबोसोम में अन्तःग्रथित होते हैं।

Ribosomes BSc Zoology Notes
Ribosomes BSc Zoology Notes
  1. राइबोसोमल RNA (Ribosomal RNA)-यह तीन विभिन्न रूपों में होता है। कशेरुकियों में ये 285, 18S तथा 5S प्रकार के होते हैं। 28S राइबोसोमल RNA 60s सब-यूनिटों में स्थित होता है। राइबोसोमल RNA अत्यधिक वलित तन्तु के रूप में होता है जो खोलने पर लगभग 7000 A लम्बा होता है। सम्भवत: प्रोटीन अणु इसी RNA तन्तु से जुड़े रहते हैं।

5S राइबोसोमल RNA में लगभग 12 न्यूक्लियोटाइड्स होते हैं। बहुधा यह ट्रांसफर RNA के समान होता है। इसका कार्य अज्ञात है।

  1. राइबोसोमल प्रोटीन्स (Ribosomal proteins)-राइबोसोम्स के प्रोटीन्स अत्यधिक जटिल होते हैं। अब तक लगभग 50 से 55 प्रोटीन्स पृथक् किए जा चुके हैं। लगभग 21 प्रोटीन्स छोटी 30S सब-यूनिट में पाए जाते हैं तथा 34 प्रोटीन्स बड़ी 50s सब-यूनिट में पाए जाते हैं। इन्हें कोर प्रोटीन कहते हैं। सब-यूनिटों के निष्क्रिय कोर (core) कणों में अपघटन के फलस्वरूप प्रत्येक कण से कुछ प्रोटीन्स मुक्त हो जाते हैं। इनको विभक्त प्रोटीन्स (Split

Proteins—SP) कहते हैं। ये दो प्रकार के होते हैं-SP50 तथा SP301 पॉलीपेप्टाइड्स के संश्लेषण के लिए आवश्यक हैं।

अम्लीय व क्षारीय विभक्त प्रोटीन्स को 40S कोर प्रोटीन्स तथा 23S RNA के साथ मिलाने पर राइबोसोम के सब-यूनिट पुनः बनाए जा सकते हैं, किन्तु पुनः संघटन की यह क्रिया अत्यधिक विशिष्ट प्रकार की होती है।

राइबोसोम्स की प्रोटीन संश्लेषण में भूमिका (कार्य)

[Role (Functions) of Ribosomes in Protein synthesis] Notes

राइबोसोम्स को कोशिका का इंजन कहते हैं क्योंकि इन्हीं पर ऐमीनो अम्ल एक विशिष्ट श्रृंखला में बन्धित होकर पॉलीपेप्टाइड श्रृंखला बनाते हैं और अन्त में प्रोटीन्स का संश्लेषण होता है।

एक प्रोटीन की रचना अनेक पॉलीपेप्टाइड शृंखलाओं में होती है और एक पॉलीपेप्टाइड श्रृंखला में हजारों की संख्या में ऐमीनो अम्ल एक विशिष्ट क्रम में जुड़े रहते हैं। ऐमीनो अम्ल की श्रृंखला में मामूली से परिवर्तन से एक नई प्रोटीन की रचना होती है।

कोशिकाद्रव्य में लगभग सभी 20 ऐमीनो अम्ल होते हैं, किन्तु ये निष्क्रिय अवस्था में रहते हैं। इनकी सक्रियता एवं आपस में एक विशेष प्रकार से संयोग DNA के आदेशों के अनुसार होता है। केन्द्रक द्वारा DNA से आदेश mRNA के रूप में साइटोप्लाज्म में भेज दिया जाता है। यह mRNA राइबोसोम्स से जुड़कर पॉलीराइबोसोम्स का निर्माण करता है। mRNA पर स्थित न्यूक्लियोटाइड्स का त्रिक कोड (triplet code) यह निर्धारित करता है कि कौन-सा ऐमीनो अम्ल राइबोसोम से संयोग करे। ऐमीनो अम्ल का mRNA पर जुड़ना tRNA द्वारा होता है जिससे एक पॉलीपेप्टाइड श्रृंखला की रचना होती है।

 


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