Phylum Ctenophora Zoology 1st Year Question Answer Notes

Phylum Ctenophora Zoology 1st Year Question Answer Notes

 

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प्रश्न 5 – टीनोफोरा के सामान्य लक्षणों का वर्णन कीजिए। 

Describe the general characters of Ctenophora. 

उत्तर –

संघ टीनोफोरा

(Phylum : Ctenophora

इस संघ में पाए जाने वाले समस्त सदस्य स्वश्रयी प्लवकीय समुद्री जन्तु हैं। इन जन्तुओं का शरीर पारदर्शी तथा कोमल होता है। ये जन्तु प्रायः सीलेन्ट्रेट जन्तुओं के सम’। होते हैं। इनका  प्रारदर्शी शरार रात्रि में जगमगाता है। इन जन्तुओं का उपयोग कई प्रकार के प्रयोगात्मक कार्यों में किया जाता  है, परन्त इनका कोई आर्थिक उपयोग नहीं है। इस संघ के जन्तुओं के प्रमुख लक्षण निम्नलिखित हैं

  1. ये समुद्री जन्तु हैं जो बड़े-बड़े समूहों में, समुद्र के किनारों पर सतह पर तैरते हुए पाए जाते हैं।
  2. इन जन्तुआ का शरीर गोलाकार, नाशपाती के आकार का(pear shaped) अथवा बेलनाकार होता हैं। इनके शरीर के चारों ओर किसी भी प्रकार का कवच नहीं पाया जाता है।
  3. ये जन्तु प्रायः द्विअरीय सममिति (biradial symmetry) दशति हैं।
  4. इन जन्तुओं का आकार कुछ मिमी से लेकर 20 सेमी तक का हो सकता है परन्तु सिस्टस (Cestus) की कुछ जातियाँ 125 सेमी तक लम्बी हो सकती हैं।
  5. इन जन्तुओं का शरीर पारदर्शी होता है, परन्तु इनकी कुछ रचनाएँ जैसे स्पर्शक आदि सफेद, लाल या बैंगनी रंग की हो सकती हैं।
  6. इनका शरीर द्विकोरकी (diploblastic) होता है जो बाह्य जनन स्तर, अन्त:जनः स्तर तथा मीसोग्लिया (mesoglaea) का बना होता है।
  7. इन जन्तुओं के शरीर की अपमुखीय सतह (aboral surface) पर दो लमं| स्पर्शक पाए जाते हैं जो एक-दूसरे की विपरीत दिशा में होते हैं।
  8. ये मांसाहारी जन्तु हैं तथा मछलियों के अण्डों, मोलस्का संघ के जन्तुओं के लार्वा और छोटे प्लवकों को भोजन के रूप में ग्रहण करते हैं। इनका पाचन तन्त्र विकसित होता है।
  9. श्वसन के लिए कोई विशिष्ट अंग तन्त्र विकसित नहीं होता है।
  10. विभिन्न कोशिका स्तब (cell-rosettes) इन जन्तुओं की जठरवाही नाल (gastrovascular canal) में पाए जाते हैं जो उत्सर्जी अंगों की तरह कार्य करते हैं।
  11. इन जन्तुओं में विकसित तन्त्रिका तन्त्र पाया जाता है जो विभिन्न गुच्छिका कोशिकाओं (ganglionic cells), तन्त्रिकाप्रवर्ध (neurites) और अंतर्ग्रथन (synapse) का बना होता है।
  12. सभी जन्तु उभयलिंगी (hermaphrodite) होते हैं तथा लैंगिक प्रजनन करते हैं। जन्तुओं के युग्मक (gametes : sperms and eggs) मुख से बाहर जल में आते हैं। इनमें बाह्य निषेचन होता है।
  13. इनके जीवन-चक्र में स्वश्रयी लार्वा-साइडिपीड (cydipped) पाया जाता है जो सीधे वयस्क जन्तु में विकसित होता है।

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