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Marsilea Sporocarp BSc Botany Notes

Marsilea Sporocarp BSc Botany Notes

 

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प्रश्न 9  के स्पोरोकार्प की आकारिकीय प्रकृति का वर्णन कीजिए तथा स्पोरोकार्प के VTS HLS का नामांकित चित्र बनाइए। 

उत्तर

मार्सीलिया स्पोरोकार्प

(Marsilea Sporocarp) Notes

मार्सीलिया के स्पोरोकार्प सेम के आकार के या अण्डाकार होते हैं। ये अपने peduncle के द्वारा petiole से लगे रहते हैं। Marsilea एक विषमबीजाणुक (heterosporous) पौधा है। इसका अर्थ है कि इसमें दो प्रकार के spores होते हैं-लघुबीजाणु (microspores) तथा गुरुबीजाणु (macrospores or megaspores)।

मासीलिया के स्पोरोकार्प की आकारिकीय प्रकृति के बारे में अलग-अलग वैज्ञानिकों ने अलग-अलग विचार प्रकट किए हैं। इनमें से कुछ मुख्य वाद निम्नलिखित हैं I.

  1. लीफसेगमेन्ट हाइपोथीसिस या लेमीनर हाइपोथीसिस

(Leaf-segment Hypothesis or Laminar Hypothésis) Notes

इस वाद को बताने तथा सहमति रखने वाले वैज्ञानिकों के अनुसार स्पोरोकार्प एक पत्ती या प्रपर्ण (frond) का बदला हुआ fertile segment होता है। इस वाद को मानने वाले वैज्ञानिकों में मुख्य हैं-Goebel (1930), Eames (1936), पुरी तथा गर्ग (1953) एवं गुप्ता (1962)। Goebel (1930) के अनुसार स्पोरोकार्प एक fertile leaflet या pinna होता है।

Marsilea Sporocarp BSc Notes
Marsilea Sporocarp BSc Notes

 Eames (1936) ने मार्सीलिया के स्पोरोकार्प की एक ऐसी पत्ती के अग्र भाग से तुलना की है जिसमें कि 4 leaflets होते हैं। इनके अनुसार कैप्सूल का शरीर दो आगे वाले leaflets के बराबर होता है तथा स्पोरोकार्प का उभार एवं उसके 2 दाँते अन्य दो leaflets के बराबर होते हैं।

बोवर (1936) ने अपने वाद को sporocarp तथा पत्ती के अन्दर venation पर आधारित बताया। उनके अनुसार “Sporocarp consists of rachis bearing two rows of pinnules.”

पुरी एवं गर्ग (1953) के अनुसार, स्पोरोकार्प एक अकेले ऐसे leaflet के बराबर होता है जिसमें उतने ही pinnules होते हैं जितने कि उसमें commissural bundles होते हैं। ये bundles pinnules की मध्य-शिरा को बनाते हैं।

गुप्ता (1962) के अनुसार, स्पोरोकार्प एक leaflet होता है, इसमें उतनी ही किनारे वाली lobes होती हैं जितने कि lateral bundles होते हैं। ।

  1. पर्णवृन्तीय परिकल्पना या पूर्णपत्ती वाद

(Petiolar Hypothesis or Whole-leaf Hypothesis) ___ जॉनसन (1933) ने इस पूर्णपत्ती वाद (Whole-leaf Hypothesis) को प्रतिपादित किया। उनके अनुसार स्पोरोकार्प एक ऐसी sterile पत्ती का फूला हुआ भाग होता है . जिसकी किनारे की कोशिकाएँ sporangial initial के रूप में काम करती हैं, चार पर्णपत्र (leaflets) नहीं बनाती हैं। इनके वाद का आधार विकास की विभिन्न अवस्थाएँ हैं।

 


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