BSc Botany Fertilization Ephedra Notes

BSc Botany Fertilization Ephedra Notes

 

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प्रश्न 10 – इफेड्रा में निषेचन भ्रूण के विकास का वर्णन कीजिए। अथवा इफेड्रा में द्विनिषेचन का वर्णन कीजिए। 

उत्तर – 

इफेड़ा में निषेचन 

(Fertilization in Ephedra) Notes

इफेड्रा में निषेचन क्रिया के फलस्वरूप पराग नलिका फट जाती है तथा इसके सभी अवयव अण्ड (egg) के पास आ जाते हैं। बड़ा नर युग्मक (large male gamete) का केन्द्रक अण्ड (egg nucleus) की तरफ जाता है तथा संयुग्मन क

 Fertilization In Ephedra
Fertilization In Ephedra

र निषेचन की क्रिया करके जाइगोट (zygote) बनाता है। फ्रीडमैन (Friedman, 1991, 92) के अनुसार, दूसरा नर युग्मक (second male gamete) का केन्द्रक वेन्ट्रल कैनाल केन्द्रक (ventral canal nucleus) से मिलकर द्वितीयक निषेचन (double fertilization) की क्रिया करता है। देतीयक निषेचन के फलस्वरूप सुपरन्यूमरी भ्रूण (supernumery embryos) बनते हैं, जो आवृतबीजी के एण्डोस्पर्म की भाँति भोजन के रूप में उपयोग किए जाते हैं।

भ्रूण का विकास (Development of Embryo) Notes

जाइगोट का केन्द्रक विभाजन करके 8 केन्द्रक बनाता है। इनमें से 6 के चारों तरफ भित्ति बनती है तथा ये ग्लोबुलर कोशिकाएँ कहलाती हैं। इनमें भ्रूण के विकास की क्षमता होती है।

 Fertilization In Ephedra
Fertilization In Ephedra

इनमें से केवल एक ही परिपक्व भ्रूण बनाता है। प्रत्येक प्राक्भ्रूण (proembryo) वृद्धि करके नलिकावत् सस्पेन्सर (tubular suspensor) बनाता है। प्राक्भ्रू (proembryo) का केन्द्रक विभाजित होकर दो केन्द्रक बनाता है, जो नलिका में चले जाते हैं। नलिका वृद्धि करके युग्मकोद्भिद् ऊतक (gametophytic tissue) में चली जाती है। एक भित्ति से दोनों केन्द्रक अलग हो जाते हैं। एक माइक्रोपाइलर (micropylar) तथा दूसरा चेलेजा (chalaza) की तरफ नलिका में जाता है। नलिका मादा प्रोथैलस में अन्दर तक जाती है तथा नीचे की एक कोशिका को भ्रूण कोशिका कहते हैं, जो विभाजन के बाद एक सस्पेन्सर कोशिका (suspensor cell) तथा भ्रूण कोशिका बनाती है। सस्पेन्सर कोशिका विभाजन के बाद लम्बी कोशिकाएँ बनाती है। भ्रूण कोशिका ही विभाजन के बाद एक शीर्षस्थ (apical) कोशिका का निर्माण करती है जिसमें वृद्धि तथा विभाजन के फलस्वरूप एक विकसित शीर्षस्थ क्षेत्र का निर्माण होता है। इस क्षेत्र के प्रोक्सीमल भाग (proximal region) की कोशिका लम्बाई में बढ़कर द्वितीयक सस्पेन्सर का निर्माण करती हैं। डिस्टल कोशिकाएँ (distal cells) विकसित होकर भ्रूण (embryo) बनाती हैं जिसमें दो कोटीलीडन होते हैं। द्वितीयक सस्पेन्सर (secondary suspensor) के पास मूल विकसित होती है।

 


 

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