Types Of Bacteria On The Basis Of Shape BSc Botany Notes

Types Of Bacteria On The Basis Of Shape BSc Botany Notes

 

Types Of Bacteria On The Basis Of Shape BSc Botany Notes :- BSc 1st Year Botany Cell Biology And Genetics Examination Paper Notes. This Post is very useful for all the Student Botany. This post will provide immense help to all the students of BSc Botany.

 


प्रश्न 8 – आकार के आधार पर विभिन्न प्रकार के जीवाणुओं का वर्णन कीजिए।

उत्तर

आकार के आधार जीवाणुओं के प्रकार 

(Types of Bacteria on the Basis of Shape) Notes

आकार के अनुसार जीवाणु कई प्रकार के हो सकते हैं। एक जाति के सभी जीवाण आकार में समान होते हैं। मुख्य रूप से ये निम्न प्रकार के होते हैं

  1. कोकस (Coccus-एकवचन Cocci-बहुवचन

ये जीवाणु गोलाकार (spherical) होते हैं तथा इनका व्यास 0 – 5 से 1.25 माइक्रो तक हो सकता है। ये निम्नांकित होते हैं

  1. माइक्रोकोकाई (Micrococci)-जब कोकस जीवाणु अकेले मिलते हैं, तब इनकामाइक्रोकोकस कहते हैं जैसे—माइक्रोकोकस एगिलिस (Micrococcus agilis)

2.डिप्लोकोकाई (Diplococci)—जब कोकस दो के समूह (pair) में मिलते हैं तब इन्हें डिप्लोकोकाई कहते हैं; जैसे डिप्लोकोकस न्यूमोनी (Diplococcus pneumoniae)।

  1. स्ट्रेप्टोकोकाई (Streptococci)—जब कोकस जीवाणु एक लम्बी श्रृंखला (chain) में मिलते हैं तब इन्हें स्ट्रेप्टोकोकाई कहते हैं; जैसे- स्ट्रेप्टोकोकस लैक्टिस (Streptococcus lactis)।
  2. टेट्राड (Tetrad)-जीवाणु चार के समूह में मिलते हैं; जैसे-नीसेरिया (Neisseria)।
  3. स्टेफाइलोकोकाई (Staphylococci)—कोकस जीवाणुओं के अनियमित (irregular) समूह (group) को स्टैफाइलोकोकाई कहते हैं; जैसे-स्टैफाइलोकोकसऑरियस (Staphylococcus aureus)।
  4. सार्सीनी (Sarcinae)-जब कोकस जीवाणु तीन तलों में विभाजित होकर 8 या अधिक कोशिकाओं का घनाभ (cuboidal) बनाते हैं, उसको सासनी कहते हैं; जैसे-सार्सीना ल्यूटिया (Sarcina lutea)।

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  5. बैसीलस (Bacillus एकवचन; Bacilli-बहुवचन

ये जीवाणु छड़ (rod) या डण्डे के आकार के होते हैं। ये चल (motile) या अचल (nonmotile) हो सकते हैं। ये निम्नलिखित होते हैं –

  1. डिप्लोबैसीलस (Diplobacillus)—जब बैसीलस दो के समूह या जोड़े (pair) में मिलते हैं।
  2. स्ट्रेप्टोबैसीलस (Streptobacillus)—जब बैसीलस शृंखला (chain) में मिलते हैं जैसे-बैसीलस ट्यूबरकुलोसिस (Bacillus tuberculosis)।

III. सर्पिल या कुण्डलित (Spiral or Helical) 

ये जीवाणु सर्पिल या हेलीकल आकार के होते हैं। इनका आकार कोकस बैसीलस से बड़ा होता है। इनकी लम्बाई 10-50 माइक्रोन तथा चौड़ाई 0.5 से 3.0 माइक्रोन (micron) तक हो सकती है। इनमें फ्लैजेला (flagella) भी मिलते हैं; जैसे—स्पाइरिलम माइनस (Spirillum minus) आदि।

उपर्युक्त आकारों के अलावा जीवाणु कुछ अन्य आकारों में भी मिलते हैं। इनका वर्णन निम्नवत् है-

  1. कॉमा (Comma)—जीवाणु सूक्ष्म मुड़ी हुई छड़ की आकृति में होते हैं। इनका आकार कॉमा (comma) के समान होता है। इनके सिरे पर फ्लैजेला भी मिल सकते हैं: जैसे-विब्रियो कोलेरी (Vibrio cholerae) आदि।
  2. फिलामेण्टस (Filamentous)—कुछ जीवाणु तन्तु के समान आकार के होते हैं; जैसे-बैगियाटोआ (Beggiatoa) आदि।
  3. बहुरूपी (Pleomorphic)—कुछ जीवाणु अपने आकार में वातावरण के अनुसार अस्थायी परिवर्तन करने की क्षमता रखते हैं; जैसे-ऐसीटोबेक्टर (Acetobactor), बैसीलस तथा स्ट्रेप्टोबैसीलस के रूप में मिलता है।

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