Stem Of Lycopodium BSc Botany Notes

Stem Of Lycopodium BSc Botany Notes

 

Stem Of Lycopodium BSc Botany Notes :- BSc Botany Question Answer Notes Sample Model Practice Papers Previous Year Notes Available. In This Site Dreamtopper.in is very helpful for all the Student. All types of Notes have been Made available on our Site in PDF Free through which you will get immense help in your Studies. In this post you will full information related to BSc Botany.

 


प्रश्न 5 – लाइकोपोडियम के तने, जड़ व पत्तों की संरचना तथा वृद्धि का वर्णन कीजिए। 

उत्तर 

लाइकोपोडियम का तना 

(Stem of Lycopodium)

उपवंश यूरोस्टेकिया (Urostachya) में ला० सिलेगो, ला० फ्लेग्मेरिया, ला० ल्यूसीड्यूलुम तथा अन्य जातियाँ पायी जाती हैं तथा सीधा अथवा लटकता हुआ होता है। वातावरण के अनुसार ये स्थलीय उपरिरोही हो सकते हैं। तना शाखित अथवा अशाखित होता है।

उपवंश रोप्लोस्टेकिया (Rhopalostachaya) में ला० क्लेवेटम, ला० सनम ला० कोम्प्लेटम, ला० इनन्डेटेम तथा अन्य जातियाँ आती हैं तथा विसी तथा इससे वायवीय शाखाएँ ऊपर की तरफ निकलती हैं। तना द्विशाखा शाखित (dichotomously branched होता है।

उपवंश यूरोस्टेकिया आद्य (primitive) हैं। इसके लक्षण निम्नलिखित हैं

(a) सीधी या लटकती वायवीय अक्ष या ऊर्ध्व तना तथा शाखाएँ होती हैं।

(b) अपस्थानिक जड़ें तने के आधार से निकलती हैं।

(c) वर्धी प्रजनन बुलबिल (bulbil) द्वारा होता है।

(d) बीजाणुपर्ण (sporophyll) में विशिष्टता का अभाव होता है।

उपवंश रोप्लोस्टेकिया के लक्षण निम्नलिखित हैं।

(a) विसी तना।

(b) बुलबिल का बनना दुर्लभ (rare) होता है।

(c) विशिष्ट बीजाणुपर्ण जिनसे शंकु (strobilus) बनता है।

(d) अपस्थानिक मूल तने में किसी भी स्थान से निकल सकती है।

जड़ (Root) Notes

प्राथमिक जड़ अल्पकालिक होती है तथा अपस्थानिक जड़ें अन्त:जात (endogen ously) रूप से निकलती हैं। यूरोस्टेकिया उपवंश में अपस्थानिक जड़ें तने के आधार से निकलती हैं। ला० सलेगो तथा ला० पिथोइड्स में अपस्थानिक जड़ें प्ररोह शीर्ष के पास से निकलती हैं तथा नीचे की तरह तने के कॉर्टेक्स से होती हुई तने के आधार से बाहर निकलकर मृदा में प्रवेश करती हैं। तने की अनुप्रस्थ काट में अनेक

Stem Of Lycopodium
Stem Of Lycopodium

जड़ें कॉर्टेक्स भाग में दिखाई देती हैं। इनको कॉर्टेक्स मूल (cortex root or inner roots) कहते हैं। स्टोकी (Stockey, 1907) ने ला० पिथोइड्स में 52 कॉर्टेक्स जड़ें बताई हैं।

रोप्लोस्टेकिया में अपस्थानिक जड़ें विसर्पि तने की निचली सतह से निकलती हैं। ये अकेली या समूह में हो सकती हैं।

पत्ती (Leaf) Notes

पत्तियाँ साधारण (simple) बिना लिग्यूल के तथा अवन्ती व छोटी होती हैं। इनकी लम्बाई 8-10 mm तथा 2-3 cm तक हो सकती है।

पत्तियाँ स्पाइरल क्रम में (ला० क्लेवेटम), चक्रिक क्रम (whorl) में (ला० सर्नुअम), जोड़ों में (pairs) में (ला० एल्पीनम) मिलती हैं। पत्तियों में एक अशाखित मध्य शिरा होती है जो पत्ती के अग्र भाग तक नहीं पहुँचती है। इस प्रकार की पत्ती को माइक्रोफिल्लस (microphyllous or microphyll) कहते हैं। ला० वोल्यूबाइल में पार्श्व शाखाओं में पत्तियाँ हेटरोफिल्लस (heterophyllous) होती हैं। पार्श्व शाखाएँ चपटी व पृष्ठाधारी होती हैं। इन पर पत्तियाँ चार चित्र लाइकोपोडियम प्ररोह शीर्ष

कतारों में मिलती हैं। दो कतारें पार्श्व में एक ऊपरी कतार (L.S.)। (ventral) तथा एक नीचे की तरफ कतार में (dorsal)।

Stem Of Lycopodium
Stem Of Lycopodium

वृद्धि (Growth) Notes

लाइकोपोडियम में वृद्धि शीर्ष विभज्योतक (apical initials) द्वारा होती है। शीर्ष . विभज्योतक अनेक शीर्ष कोशिकाओं (apical initials) का बना होता है। इनके विभाजन से । तीन प्राथमिक विभज्योतक ऊतक बनते हैं (प्रोटोडर्म, ग्राउण्ड मेरीस्टेम, प्रोकैम्बियम)। प्रोटोडर्म बाह्यत्वचा, प्रोकैम्बियम से संवहन ऊतक तथा ग्राउण्ड मेरीस्टेम से कॉर्टेक्स, एण्डोडर्मिस, पेरीसाइकिल तथा पिथ बनते हैं। …

 


 

Follow me at social plate Form

 

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *