BSc Physics Expression Oscillation Period Notes

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BSc Physics Expression Oscillation Period Notes:-Simple harmonic motion, differential equation of S.H.M. and its solution, uses of complex notation, damped and forced vibrations composition of simple harmonic motion.

The differential equation of wave motion, plane progressive waves in fluid media, a reflection of waves, phase change on reflection, superposition. stationary waves, pressure and energy distribution, phase, and group velocity.

 

प्रश्न 31. सरल लोलक की गति की व्याख्या कीजिए तथा सिद्ध कीजिए कि यह गति सरल आवर्त है। इसके दोलनकाल का व्यंजक व्युत्पन्न कीजिए। 

Describe the motion of a simple pendulum and prove that it is simple harmonic. Derive an expression for its oscillation period. 

उत्तर : सरल लोलक की गति-माना कि सरल लोलक के गोलक का द्रव्यमान m तथा प्रभावी लम्बाई । है। जब गोलक को उसकी साम्य स्थिति (बिन्दु A) से थोड़ा एक ओर को हटा कर छोड़ देते हैं तो वह गुरुत्व के अधीन साम्य स्थिति के इधर-उधर एक चाप (arc) के अनुदिश (लगभग सीधी रेखा में) दोलन करने लगता है।

माना कि दोलन करते समय किसी क्षण गोलक का साम्य स्थिति से कोणीय विस्थापन (angular displacement)e रेडियन है (चित्र-36)। इसके संगत चाप के अनुदिश विस्थापन x = le है। गोलक पर दो बल gi कार्यरत हैं—गोलक का भार m g, ऊर्ध्वाधर नीचे को तथा धागे में तनाव T, भार m g को धागे के अनुदिश … तथा लम्बवत् घटकों में वियोजित करने पर धागे के अनुदिश घटक mg cos e, T के विपरीत दिशा में कार्य करता है तथा घटक mg sin e, जोकि धागे के लम्बरूप दिशा में कार्य करता है। घटक mg cosगोलक को साम्य स्थिति 0 में वापस लाने का प्रयत्न

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करता है। इसे ‘प्रत्यानयन बल’ (restoring force) कहते हैं। इस प्रकार गोलक पर प्रत्यानयन बल

F=- mg sin 0

ऋण चिह्न यह दर्शाता है कि बल F, विस्थापन की विपरीत दिशा में, अर्थात् साम्य स्थिति का । ओर को दिष्ट है। यदि कोण 0 काफी छोटा हो, तब sine 0  = 0 (रेडियन में) और तब

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इससे स्पष्ट है कि प्रत्यानयन बल विस्थापन : के अनुक्रमानुपाती है तथा गोलक को गात सरल आवर्त है। यदि गोलक का द्रव्यमान M है तथा इसका तात्क्षणिक त्वरण d2x/dt2 है तब न्यूटन के नियम से

स्पष्ट है कि गोलक का दोलनकाल गोलक के द्रव्यमान तथा आयाम पर निर्भर नहीं है, बशर्ते कि आयाम छोटा हो। .


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